40+ (जाकिर खान शायरी) Zakir Khan Shayari In Hindi (2022)

Zakir Khan Shayari In Hindi

Zakir Khan Shayari In Hindi – जैसा कि आपको जानकारी होगी कि जाकिर खान एक भारतीय कॉमेडियन है जो भारत में बहुत ही लोगप्रिय है। जाकिर खान इंदौर के रहने वाले है और उनके पिता स्कूल टीचर है। Zakir Khan Shayari भी लिखते है । और उनकी कुछ Zakir Khan Shayari In Hindi हम आपके लिए लेकर आए है नीचे लेख को अंत तक पढ़े।

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Zakir Khan Shayari In Hindi

1.माना की तुमको इश्क़ का तजुर्बा भी कम नहीं,
हमने भी बाग़ में हैं कई तितलियाँ उड़ाई।।

2.वो तितली की तरह आयी और ज़िन्दगी को बाग कर गयी
मेरे जितने भी नापाक थे इरादे, उन्हें भी पाक कर गयी।।

3.जिंदगी से कुछ ज्यादा नहीं,बस इतनी से फरमाइश है,
अब तस्वीर से नहीं,तफ्सील से मलने क ख्वाइश है।।

4.हम दोनों में बस इतना सा फर्क है,
उसके सब “लेकिन” मेरे नाम से शुरू होते है
और मेरे सारे “काश” उस पर आ कर रुकते है।।

5.इश्क़ को मासूम रहने दो नोटबुक के आखिरी पन्ने पर,
आप उसे किताबो में डालकर मुश्किल न कीजिये।।

6.कामयाबी हमने तेरे लिए खुद को यूँ तैयार कर लिया,
मैंने हर जज़्बात बाज़ार में रख कर इश्तेहार कर लिया।।

7.उसे मैं क्या, मेरा खुमार भी मिले तो बेरहमी से तोड़ देती है,वो ख्वाब में आती है मेरे, फिर आकर मुझे छोड़ देती है।।

8.यूँ तो भूले है हमे लोग कई,पहले भी बहुत से
पर तुम जितना कोई उनमे से याद नहीं आया।।

9.अपने आप के भी पीछे खड़ा हूँ में,
ज़िन्दगी , कितने धीरे चला हूँ मैं…
और मुझे जगाने जो और भी हसीं होकर आते थे,
उन् ख़्वाबों को सच समझकर सोया रहा हूँ मैं।।

10.ये सब कुछ जो भूल गयी थी तुम,
या शायद जान कर छोड़ा था तुमने,
अपनी जान से भी ज्यादा,
संभाल रखा है मैंने सब,
जब आओग तो ले जाना।।

Motivation Zakir Khan Shayari

11.मेरी जमीन तुमसे गहरी रही है,
वक़्त आने दो, आसमान भी तुमसे ऊंचा रहेगा।।

12.ज्यादातर जिंदगी मैं वही लोग कामियाब होते है। जो मन मैं ठान लेते है की मुझे कामियाब होना है।।

13.देर लगेगी मगर सही होगा, तुम्हे जो चाइये वही होगा दिन बुरे है जिंदगी नहीं, सब्र रखो सब सही होगा।।

14.लूट रहे थे खजाने मां बाप की छाव मे,
हम कुड़ियों के खातिर, घर छोड़ के आ गए।।

15.कामयाबी तेरे लिए हमने खुद को कुछ यूं तैयार कर लिया,
मैंने हर जज़्बात बाजार में रख कर एश्तेहार कर लिया।।

16.यूं तो भूले हैं हमें लोग कई, पहले भी बहुत से
पर तुम जितना कोई उन्मे सें , कभी याद नहीं आया।।

17.मेरे घर से दफ्तर के रास्ते में
तुम्हारी नाम की एक दुकान पढ़ती हैं
विडंबना देखो,
वहां दवाइयां मिला करती है।।

18.मेरी औकात मेरे सपनों से इतनी बार हारी हैं के
अब उसने बीच में बोलना ही बंद कर दिया है।।

19.ज़मीन पर आ गिरे जब आसमां से ख़्वाब मेरे
ज़मीन ने पूछा क्या बनने की कोशिश कर रहे थे।।

20.हर एक दस्तूर से बेवफाई मैंने शिद्दत से हैं निभाई
रास्ते भी खुद हैं ढूंढे और मंजिल भी खुद बनाई।।

21.मेरी अपनी और उसकी आरज़ू में फर्क ये था
मुझे बस वो…
और उसे सारा जमाना चाहिए था।।

22.उसूलो पर जाहा बात आये टकराना जरुरी है जो जिन्दा हो तो, जिन्दा नजर आना जरुरी है।।

Zakir Khan Shayari Hindi

23.बे वजह बेवफाओं को याद किया है,
ग़लत लोगों पे बहुत वक़्त बर्बाद किया है।।

24.दिलों की बात करता है ज़माना,
पर आज भी मोहब्बत
चेहरे से ही शुरू होती हैं।

25.बड़ी कश्मकश में है ये जिंदगी की,
तेरा मिलना मिलना इश्क़ था या फरेब।।

26.तुम भी कमाल करते हों ,
उम्मीदें इंसान से लगा कर
शिकवे भगवान से करते हो।।

27.ये तो परिंदों की मासूमियत है,
वरना दूसरों के घर अब आता जाता कौन हैं।।

28.शायद उसके रास्ते में मुझसे बेहतर लोग पड गए , शायद उसके रास्ते में मुझसे बेहतर लोग पड गए , वो बेवफा तो न थे मगर आगे ज़रूर बढ़ गए।।

29.मैं इस उम्मीद में दबा के तू बचा लेगा मैं इस उम्मीद में दबा के तू बचा लेगा अब इसके बाद मेरा इम्तेहान क्या लेगा।।

30.मेरे होठो पर अपनी प्यास रखो। और फिर सोचो क्या इसके बाद भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है।।

31.वो अगर हज़ार बार ज़ुल्फ़ें न सँवारे तो उसका गुज़ारा नहीं होता। वैसे दिल बहुत साफ़ है उसका इन हरकतों का कोई इशारा नही होता।

32.की नयी उम्रो की खुद मुख्तारिओ को कोन समझाय की कहा से बचके चलना है और कहा से जाना जरूरी है।।

Shayari b=By Zakir Khan

33.जिगर का निचोड़ कर लहू, कहानिया में रंग भरा है सियाह,और लोग पूछ लिया करते है की यह सब सच में हुआ है किया ?

34.मेरा 2-4 ख्वाब हे जो में आसमान से दूर चाहता हु
जिंदगी चाहे गुमनाम रहे मोइत में मसहूर चाहता हु।।

35.कुछ कोशिश से तैयारी के लिए भी होती है
फिर खड़े होंगे फिर लड़ेंगे।।

36.शायद मुझे कभी किसी से मोहब्बत नहीं हुए
लेकिन यककेँ सबको दिलाता रहा हूँ मैं।।

37.कुछ इस तरह तेरे मेरे रिश्ते ने आखिरी सांस ले
न मैंने पलट कर देखा
न तुमने आवाज़ दी।।

38.हजारों बार के सुने हुए गानों के लिरिक्स अगर अचानक से अच्छे लगने लग जाए तो बाबू समझ जाओ की emotional वाट लगने वाली है।।

39.वो चुप चाप आंसू बहाने की राते, वो एक शक्स की याद आने वाली राते, मुझे याद है तेरी हर सुबह ए रुकसात, मुझे याद याद है तेरी आने की राते।।

40.अब कोई हक़ से हाथ पकड़कर महफ़िल मे दोबारा नहीं बैठाता, सितारों के बीच मे सूरज बनने के कुछ अपने ही नुकसान हुआ करते है।।

41.तेरी बेवफ़ाई के अंगारो मे कुछ ऐसी लिपटी रही है रूह मेरी, मे इस तरह आज ना होता जो हो जाती तुम मेरी।।

42.एक अरसे से हूं थामे कस्ती को भवार, तूफान से भी ज्यादा साहिल से सिहरता हु

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Surendra Uikey Is A Co-Founder Of Motivational Shayari. He Is Passionate About Content Writer Shayari, Quotes, Thoughts And Status Writer

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