गम भरी शायरी

1.हमारे साये भी हमसे नजर चुरा बैठे
वफा के नाम पे बेकार दिल लगा बैठे।।

गम भरी शायरी

2.कर देना माफ़ अगर दुखाया हो दिल तुम्हारा
क्या पता कल मिले ही नहीं यार तुम्हारा।।

गम भरी शायरी

3.प्यार करना भी क्या कोई इल्जाम है नाम तो उल्फत का फिर भी बदनाम है।।

गम भरी शायरी

4.अरे छोड़ो हसीनों में बनावट के सिवा क्या है अदाएँ ही अदाएँ हैं सजावट के सिवा क्या है।।

गम भरी शायरी

5.चलो दिल की अदला बदली कर ले तड़प क्या होती है समज जाओगे।।

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6.फना होने की इजाजत ली नहीं जाती ये मोहब्बत है जनाब पूछ के की नहीं जाती।।

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7.अच्छे लग जाते हैं हम बहुत लोगो को यह भी
अच्छा नही लगता बहुत लोगो को।।

गम भरी शायरी

8.गिरते हुऐ अश्क की कीमत न पूछना
इश्क़ के हर बूंद में लाखों सवाल होते हैं

गम भरी शायरी

9.मैं अक्सर रोज बताता था तुझे
एक तेरा ही ख्याल सताता था मुझे।।

गम भरी शायरी

10.मोहब्बत सब्र के सिवा कुछ नहीं
मैंने हर इश्क को इन्तेजार करते देखा है।

गम भरी शायरी

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