35+ (जावेद अख़्तर शायरी) Javed Akhtar Shayari In Hindi (2021)

35+ (जावेद अख़्तर शायरी) Javed Akhtar Shayari In Hindi (2021)

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारी इस नई पोस्ट Javed Akhtar Shayari In Hindi में आज हम आपके लिए लाये बेस्ट Javed Akhtar Shayari In Hindi आज हम बात करेंगे Javed Akhtar Shayari In Hindi

साहित्य की दुनिया में शब्दों के जादूगर कहे जाने वाले जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी, 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनक बचपन का नाम ‘जादू’ था और घर में उन्हें इसी नाम से बुलाते थे। जावेद को उनके बेहतरीन लेखन के लिए जाना जाता है। एक ओर जहां उनके पिता निसार अख्तर मशहूर गीतकार थे तो दूसरी ओर उनकी मां सफिया अख्तर गायिका-लेखिका थीं। उन्होंने बचपन से कविताएं और गाने लिखना शुरू कर दिए थे। फिल्म इंडस्ट्री में भी जावेद कई फिल्मों की स्क्रिप्ट लिख चुके हैं। बाद में उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा और कई गानों को अपनी करिश्माई कलम का रुप दिया। जावेद एक बहुत बड़े शायर भी हैं। Javed Akhtar Shayari In Hindi हमने इंटरनेट पर ढूढ ढूढ कर आपके लिए सबसे बढ़िया कलेक्शन एक जगह इकट्ठा किया है ताकि आपके हर एक जावेद अख्तर से जुड़ी शायरी एक ही जगह आसानी से मिल सके तो पढ़िए अपनी मातृभाषा हिंदी में बेस्ट

Javed Akhtar Shayari In Hindi

1.तुम को देखा तो ये ख़याल आया
ज़िन्दगी धूप तुम घना साया
हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यूँ गाया

2.प्यार मुझ से जो किया तुम ने तो क्या पाओगी
मेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी
ख़्वाब क्यूँ देखूँ वो कल जिस पे मैं शर्मिन्दा हूँ
मैं जो शर्मिन्दा हुआ तुम भी तो शरमाओगी।।

3.कत्थई आँखों वाली इक लड़की
एक ही बात पर बिगड़ती है
तुम मुझे क्यों नहीं मिले पहले
रोज़ ये कह के मुझ से लड़ती है।।

4.क्यों डरें ज़िन्दगी में क्या होगा
कुछ ना होगा तो तज़रूबा होगा
हँसती आँखों में झाँक कर देखो
कोई आँसू कहीं छुपा होगा।।

5.आज मैंने अपना फिर सौदा किया
और फिर मैं दूर से देखा किया
ज़िन्दगी भर मेरे काम आए असूल
एक एक कर के मैं उन्हें बेचा किया।।

6.दुख के जंगल में फिरते हैं कब से मारे मारे लोग
जो होता है सह लेते हैं कैसे हैं बेचारे लोग
इस नगरी में क्यों मिलती है रोटी सपनों के बदले
जिन की नगरी है वो जानें हम ठहरे बँजारे लोग।।

7.आज मैं ने अपना फिर सौदा किया,
और फिर मैं दूर से देखा किया,
ज़िंदगी-भर मेरे काम आए उसूल,
एक इक कर के उन्हें बेचा किया।।

8.अभी ज़मीर में थोड़ी सी जान बाक़ी है,
अभी हमारा कोई इम्तिहान बाक़ी है,
हमारे घर को तो उजड़े हुए ज़माना हुआ,
मगर सुना है अभी वो मकान बाक़ी है।।

9.वो ज़माना गुज़र गया कब का,
था जो दीवाना मर गया कब का,
ढूँढता था जो इक नई दुनिया,
लूट के अपने घर गया कब का।।

10.सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है,
हर घर में बस एक ही कमरा कम है।।

11.ये हसीं शम्‍मे बुझाने के लिए मत आना,
तुम हो बेबस ये बताने के लिए मत आना।।

12.इस शाहर मे जीने के अंदाज़ निराले है,
होटो पे लतीफ़े है आवाज़ मे छाले है।।

13.छोड़ कर जिस को गए थे आप कोई और था,
अब मैं कोई और हूँ वापस तो आ कर देखिए,
अक़्ल ये कहती दुनिया मिलती है बाज़ार में,
दिल मगर ये कहता है कुछ और बेहतर देखिए।।

14.तमन्‍ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ,
यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ।।

15.बदल गई है ज़िंदगी, बदल गये हैं लोग भी,
ख़ुलूस का जो था कभी, वो अब सिला नहीं रहा।।

16.अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें,
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।।

17.सोचो तो बड़ी चीज़ है तहज़ीब बदन की,
वर्ना ये फ़क़त आग बुझाने के लिए हैं।।

18.जब आईना तो देखो इक अजनबी देखो
कहां पे लाई है तुमको ये ज़िंदगी देखो।।

19.कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी।।

20.अगर दुसरो के जोर पर उड़कर दिखाओगे
तो अपने पैरो से उड़ने की हुनर भूल जाओगे।।

21.हंसती आंखो में झांककर देखो
कोई आंसू नहीं छुपा होगा।।

22.तब हम दोनो वक्त चुका कर लाते थे
अब मिलते है जब भी फुर्सत होती है।।

23.हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है,
हम है मुसाफिर ऐसे जो मंजिल में आए है।

24.जो भी मैंने काम किया है,
वो मेने दिल के करीब से ही किया है।
जो काम मेरे दिल के करीब नहीं था,
उसको मैंने कभी किया ही नहीं।।

25.अगर आप जिंदा हैं तो
आपको वक्त के साथ बदलना चाहिए।।

26.सपना कभी साकार नहीं होता
मोहब्बत का कभी आकार नही होता
सब कुछ हो जाता है इस दुनिया में
मगर दोबारा किसी से प्यार नहीं होता।।

27.इश्क और सुबह की चाय दोनो एक समान होती है
एक बार वही नयापन एक बार वही ताज़गी।।

28.ये दुनिया भर के झगड़े घर के किस्से काम की बाते
बला हर एक टल जाए अगर तुम मिलने आ जाओ।।

29.झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो
दिल है नाजुक इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो।।

30.हंसती आंखों में झांककर देखो
कोई आंसू कही छुपा होगा।।

31.में और मेरी तनहाई अक्सर ये बात करती है
तुम होती तो कैसा होता।।

32.काटों का भी अहसान अदा कीजिए हुजूर
कई बार फूलो की लाज बचाई होगी।।

33.मुझे गम है की मैंने ज़िन्दगी में कुछ नहीं पाया
यह गम दिल से निकल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ।।

34.खुदगर्ज बना देती है तलब की शिद्धत भी
प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता।।

35.चलो तुम रास्ते खोजो बिछड़ने के
हम माहौल पैदा करते है मिलने के।।

36.इस शहर में जीने के अंदाज़ निराले है
होठो पे लतीफे है आवाज़ में छाले है।।

37.जब आइना देखो इक अजनबी देखो
कहाँ पे लाई है तुम ये ज़िन्दगी देखो।।

38.संवरना है तो किसी के नज़रो में सवरिये
आइना में खुद का मिजाज़ पूछा नहीं करते।।

39.मुझे मायूस भी करती नहीं है
यह आदत तेरी अच्छी नहीं है।।

40.डर हमको लगता है रास्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफर पर ए दिल अब जाना होगा।।

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About Surendra Uikey

Surendra Uikey Is A Co-Founder Of Motivational Shayari. He Is Passionate About Content Writer Shayari, Quotes, Thoughts And Status Writer

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